मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905 पर शिकायत करें
उत्तराखंड के किसी भी सरकारी विभाग या दफ्तर से जुड़ी समस्या के लिए: पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य, भूमि और अन्य। 1905 पर कॉल करें या ऑनलाइन दर्ज करें, और संदर्भ नंबर से अपनी शिकायत को ट्रैक करें।
पहले यह करें
- 1
1905 पर कॉल करें
यह उत्तराखंड की टोल-फ्री मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का नंबर है। अपनी समस्या बताएं, और यदि पता हो तो संबंधित विभाग का नाम भी बताएं।
- 2
या ऑनलाइन दर्ज करें
अगर आप कॉल नहीं करना चाहते, तो मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के वेब पोर्टल या मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करें।
- 3
अपना संदर्भ नंबर नोट करें
शिकायत दर्ज होने पर आपको यह नंबर मिलेगा। बाद में स्थिति ट्रैक करने के लिए इसे सुरक्षित रखें।
चरण दर चरण
- 1
अपनी शिकायत दर्ज करें
1905 पर कॉल करके, वेब पोर्टल से, मोबाइल ऐप से, या कॉल पर मौजूद IVR रिकॉर्डिंग सुविधा से आप शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
पोर्टल पर शिकायतें विभाग के अनुसार बांटी गई हैं, जैसे "Policing & Crime" ["पुलिसिंग और अपराध"], "Transport & Traffic" ["परिवहन और यातायात"], "Housing & Land" ["आवास और भूमि"], "Health & Medical" ["स्वास्थ्य"] और अन्य, या यदि आपको यह तय करना मुश्किल लगे तो "All Departments" ["सभी विभाग"] चुन सकते हैं।
- 2
अपनी शिकायत को ट्रैक करें
पोर्टल पर अपने दर्ज मोबाइल नंबर या ईमेल से स्थिति देखें, यह जानें कि शिकायत किस दफ्तर को भेजी गई है, और हल होने के बाद निपटान रिपोर्ट पढ़ें।
- 3
हल न होने पर रिमाइंडर भेजें
यदि आपकी शिकायत समय पर हल नहीं होती, तो उसे फिर से दर्ज करने के बजाय पोर्टल के रिमाइंडर विकल्प का इस्तेमाल करें।
- 4
किसी केंद्र सरकार के दफ्तर की बात है?
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन उत्तराखंड के राज्य विभागों के लिए है। किसी केंद्र सरकार के मंत्रालय या दफ्तर के लिए, पोर्टल आपको केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (सीपीग्राम्स) की ओर भेजता है और उसी साइट पर "Lodge CPGrams Grievance" ["सीपीग्राम्स शिकायत दर्ज करें"] का लिंक देता है, जिससे आप वहां सीधे जा सकते हैं। आप सीपीग्राम्स पर सीधे भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
सावधान रहें
- 1905 पर शिकायत दर्ज करना मुफ्त है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से कोई भी व्यक्ति शिकायत दर्ज करने या उसे तेज़ी से हल करने के लिए पैसे नहीं मांगेगा।
अधिवक्ता कब मदद कर सकता है
ऊपर दिए गए सभी चरण आप स्वयं कर सकते हैं। एक अधिवक्ता तब मदद करता है जब:
- शिकायत को हल बताए जाने के बाद भी कोई सरकारी दफ्तर उस आदेश को लगातार नज़रअंदाज़ करता रहे, जिसका पालन करना उसके लिए अनिवार्य है
- आपको सिर्फ जवाब नहीं, बल्कि किसी सरकारी फैसले को चुनौती देनी हो
स्रोत
- उत्तराखंड मुख्यमंत्री हेल्पलाइन · उत्तराखंड सरकार
- सीपीग्राम्स: केंद्र सरकार की शिकायतें · डीएआरपीजी, भारत सरकार
आख़िरी बार को जाँचा गया। कुछ पुराना लगा?
यह गाइड आधिकारिक माध्यमों से शिकायत दर्ज करने का तरीका बताता है। यह कानूनी सलाह नहीं है।