केंद्र सरकार के किसी दफ्तर की शिकायत करें
केंद्र सरकार के किसी मंत्रालय, विभाग या उसके अधीन किसी दफ्तर से जुड़ी समस्या के लिए, जैसे आयकर, रेलवे, पासपोर्ट या कोई केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम। इसके लिए पोर्टल सीपीग्राम्स है। उत्तराखंड के किसी राज्य विभाग के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905 का इस्तेमाल करें।
पहले यह करें
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जांच लें कि यह केंद्र सरकार का दफ्तर है
सीपीग्राम्स केंद्र सरकार के मंत्रालयों, विभागों और क्षेत्रीय दफ्तरों के लिए है। उत्तराखंड के किसी राज्य विभाग, बोर्ड या निगम के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905 का इस्तेमाल करें।
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पंजीकरण करें और अपनी शिकायत दर्ज करें
सीपीग्राम्स पर साइन अप करें या लॉग इन करें, संबंधित मंत्रालय या विभाग चुनें, और अपनी समस्या का पूरा विवरण दें।
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अपना पंजीकरण नंबर सुरक्षित रखें
शिकायत दर्ज होने पर आपको एक विशिष्ट पंजीकरण नंबर मिलेगा। इसे सुरक्षित रखें। स्थिति जानने और अपील करने के लिए इसकी ज़रूरत पड़ेगी।
चरण दर चरण
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सीपीग्राम्स पर पंजीकरण करें
ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के लिए खाता होना ज़रूरी है, इसलिए अपने नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल से साइन अप करें, या यदि पहले से खाता है तो लॉग इन करें।
इंटरनेट नहीं है? वेबसाइट इस्तेमाल करना ज़रूरी नहीं है। आप अपनी शिकायत एक सादे कागज़ पर (कोई तय प्रारूप नहीं है) प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग को डाक से भेज सकते हैं, या अपने नज़दीकी कॉमन सर्विस सेंटर के ज़रिए दर्ज करा सकते हैं।
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मंत्रालय या विभाग चुनें और अपनी शिकायत दर्ज करें
वह केंद्र सरकार का मंत्रालय, विभाग या संगठन चुनें जिससे आपकी शिकायत जुड़ी है। बताएं कि क्या हुआ, कब हुआ, और आप इस पर क्या कार्रवाई चाहते हैं।
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जवाब के लिए 21 दिन तक इंतज़ार करें
सीपीग्राम्स पर जवाब के लिए डीएआरपीजी की तय समय-सीमा 21 दिन है। इससे अधिक समय लगने पर, देरी की वजह बताते हुए आपको एक अंतरिम जवाब मिलना चाहिए।
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अपनी स्थिति देखें
अपनी शिकायत की स्थिति देखने के लिए सीपीग्राम्स पर अपने पंजीकरण नंबर के साथ "View Status" ["स्थिति देखें"] का इस्तेमाल करें।
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21 दिन बाद भी जवाब नहीं मिला? लोक शिकायत निदेशक से संपर्क करें
इसे फिर से दर्ज न करें। उस मंत्रालय या विभाग के लोक शिकायत निदेशक से संपर्क करें; हर मंत्रालय में एक निदेशक होता है, और उनका विवरण सीपीग्राम्स पर दिया गया है। वे बुधवार के दिन व्यक्तिगत रूप से भी शिकायतें सुनते हैं।
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संतुष्ट नहीं हैं? रेटिंग दें और अपील करें
जब आपकी शिकायत बंद कर दी जाती है, तो सीपीग्राम्स आपसे पूछता है कि उसे कैसे निपटाया गया। यदि आप असंतुष्ट बताते हैं, तो अपील दर्ज करने का विकल्प खुल जाता है।
अपील 30 दिन के भीतर दर्ज करें। यह उस मंत्रालय या विभाग के अपील हेतु नोडल अधिकारी के पास जाती है।
इसके बाद क्या होता है
आपकी शिकायत आपके द्वारा चुने गए मंत्रालय या विभाग के नोडल अधिकारी के पास जाती है।
आपको 21 दिन के भीतर जवाब, या देरी की वजह बताता अंतरिम जवाब मिलना चाहिए।
यदि आप संतुष्ट नहीं हैं, तो बंद होने पर दी गई आपकी फीडबैक रेटिंग ही तय करती है कि अपील का विकल्प खुलेगा या नहीं।
सावधान रहें
- सीपीग्राम्स और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन दोनों मुफ्त हैं। शिकायत दर्ज करने या आगे बढ़ाने के लिए किसी को पैसे नहीं देने चाहिए।
- एक ही शिकायत को फिर से दर्ज करने से प्रक्रिया तेज़ नहीं होती। इसके बजाय अपने मौजूदा पंजीकरण नंबर के साथ "View Status" ["स्थिति देखें"] का इस्तेमाल करें।
- सीपीग्राम्स हर तरह की शिकायत स्वीकार नहीं करता। यह उस मामले को नहीं लेता जो पहले से अदालत में हो, कोई निजी या पारिवारिक विवाद हो, आरटीआई से जुड़ा मामला हो, या देश की सीमाओं अथवा अन्य देशों के साथ संबंधों से जुड़ा कोई मामला हो। अस्वीकृत या अनुत्तरित आरटीआई के लिए सीपीग्राम्स के बजाय आरटीआई अपील प्रक्रिया का इस्तेमाल करें।
अधिवक्ता कब मदद कर सकता है
ऊपर दिए गए सभी चरण आप स्वयं कर सकते हैं। अटकने पर एक अधिवक्ता मदद करता है:
- अपील खारिज होने या अनसुनी होने के बाद, विभाग को कानूनी नोटिस भेजना
- कानूनी नोटिस का जवाब न मिलने पर, अदालत में मामला दर्ज कराने में मदद
स्रोत
- सीपीग्राम्स: केंद्र सरकार की शिकायतें · डीएआरपीजी, भारत सरकार
- सीपीग्राम्स: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न · डीएआरपीजी, भारत सरकार
- सीपीग्राम्स: अपील हेतु नोडल प्राधिकारी · डीएआरपीजी, भारत सरकार
- उत्तराखंड मुख्यमंत्री हेल्पलाइन · उत्तराखंड सरकार
आख़िरी बार को जाँचा गया। कुछ पुराना लगा?
यह गाइड आधिकारिक माध्यमों से शिकायत दर्ज करने का तरीका बताता है। यह कानूनी सलाह नहीं है।