यूपीआई या बैंक धोखाधड़ी में पैसा चला गया: अभी क्या करें
किसी स्कैम कॉल, नकली लिंक या ऐप, या आपके यूपीआई, कार्ड या नेट बैंकिंग के गलत इस्तेमाल से खाते से गए पैसे के लिए। कदम उसी क्रम में उठाएं। पहले कुछ घंटे सबसे ज़्यादा मायने रखते हैं।
पहले यह करें
- 1
अभी 1930 पर कॉल करें
ऑनलाइन धोखाधड़ी में गए पैसे के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन है। जितनी जल्दी आप रिपोर्ट करेंगे, पैसा ठग के पास जाने से रुकने की संभावना उतनी ही ज़्यादा होगी।
- 2
अपने बैंक को कॉल करें
अपना कार्ड, यूपीआई और नेट बैंकिंग ब्लॉक करवाएं, और बताएं कि यह धोखाधड़ी है। अपने कार्ड के पीछे या बैंक के ऐप में दिए 24×7 नंबर का उपयोग करें। आप बैंक को कितनी जल्दी बताते हैं, इससे यह तय होता है कि बैंक को आपका पैसा वापस करना है या नहीं।
- 3
हर सबूत रखें
एसएमएस, चैट या कॉल लॉग न मिटाएं। स्क्रीनशॉट लें। लेनदेन आईडी (यूटीआर) नोट करें।
कहां क्या रिपोर्ट करें
एक धोखाधड़ी की एक ही शिकायत संख्या होती है। इसे अपने बैंक, पुलिस और हर पोर्टल को बताएं।
| आपको क्या चाहिए | कहां | कब |
|---|---|---|
| आपको क्या चाहिएपैसे को आगे जाने से रोकें | कहां1930 पर कॉल करें | कबतुरंत |
| आपको क्या चाहिएपुलिस शिकायत, अपने सबूत के साथ | कहांसाइबर अपराध पोर्टल: 1930 की शिकायत संख्या से अपनी जानकारी जोड़ें। नई शिकायत केवल तभी शुरू करें जब 1930 पर कॉल ही न किया हो। | कब24 घंटे के भीतर |
| आपको क्या चाहिएबैंक से रिफंड | कहांअपने बैंक से, लिखित में | कब3 कार्य दिवसों के भीतर |
| आपको क्या चाहिएठग नंबर को ब्लॉक कराएं | कहांसंचार साथी पर चक्षु | कब30 दिनों के भीतर |
| आपको क्या चाहिएरोका गया पैसा वापस | कहांMoney Restoration portal | कबजब आपको "पैसा रोका गया" वाला एसएमएस मिले |
| आपको क्या चाहिएबैंक इनकार करे, या 30 दिनों में जवाब न दे | कहांरिज़र्व बैंक लोकपाल | कबउसके बाद 90 दिनों के भीतर |
अगर आपका बैंक या थाना कहता है कि उन्होंने आपके लिए धोखाधड़ी दर्ज कर दी है, तो दोबारा दर्ज करने के बजाय पावती संख्या मांगें।
चरण दर चरण
- 1
1930 पर कॉल करें और अपनी पावती संख्या नोट करें
उन्हें राशि, समय, अपना बैंक और लेनदेन आईडी (यूटीआर) बताएं। वे संबंधित बैंकों को सतर्क करते हैं, जिससे अगर पैसा अभी तक ट्रांसफर नहीं हुआ है तो उसे रोका जा सके।
आपको एक एसएमएस मिलेगा जिसमें 14 अंकों की पावती संख्या होगी, जो 3 से शुरू होती है। इसे रखें। आगे की हर कार्रवाई के लिए, पैसा वापस मांगने तक, यही आपकी शिकायत संख्या है।
- 2
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी जानकारी जोड़ें
1930 कॉल के बाद आने वाला एसएमएस बताता है कि आप उसी शिकायत में अपनी पूरी जानकारी और सबूत पोर्टल पर कैसे जोड़ सकते हैं। यह 24 घंटे के भीतर करें।
एक ही धोखाधड़ी के लिए नई शिकायत शुरू न करें। केवल तभी पोर्टल पर खुद शिकायत दर्ज करें जब 1930 पर संपर्क ही न हो पाया हो:
- पोर्टल खोलें, "Register a Complaint" [शिकायत दर्ज करें] चुनें, फिर "Financial Fraud" [वित्तीय धोखाधड़ी] चुनें।
- अपने नाम और मोबाइल नंबर से साइन इन करें। आपको एक ओटीपी मिलेगा, जो 30 मिनट के लिए मान्य होगा।
- जिस राज्य में आप रहते हैं उसे चुनें। आपकी शिकायत उस राज्य की पुलिस के पास जाएगी।
- जो हुआ उसका विस्तार से विवरण लिखें। फॉर्म में पूरा विवरण चाहिए, एक पंक्ति नहीं। लेनदेन आईडी (यूटीआर), तारीख, राशि और बैंक जोड़ें।
- किसी पहचान पत्र की फोटो अपलोड करें (आधार, पैन, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट) और अपने स्क्रीनशॉट भी। फॉर्म बताता है कि कौन सी फाइल टाइप और साइज़ स्वीकार होगी।
- सबमिट करें। आपको एसएमएस और ईमेल से 14 अंकों की पावती संख्या मिलेगी।
- 3
अपने बैंक से लिखित में शिकायत करें
बैंक के ऐप, ईमेल या शाखा का उपयोग करें, भले ही आप पहले से ही कॉल कर चुके हों। बताएं कि लेनदेन धोखाधड़ी थी, अपना 1930 और पोर्टल नंबर दें, और बैंक से लेनदेन वापस करने के लिए कहें।
बैंक द्वारा दी गई शिकायत संख्या और आपने जो भेजा उसकी एक कॉपी रखें। अगर हो सके तो यह 3 कार्य दिवसों के भीतर करें (नीचे "क्या बैंक मुझे पैसा वापस देगा?" देखें)।
- 4
चक्षु पर नंबर, मैसेज या लिंक की रिपोर्ट करें
ठगने वाली कॉल, एसएमएस या व्हाट्सऐप नंबर की रिपोर्ट करने के लिए संचार साथी पर चक्षु (वेबसाइट या ऐप) का उपयोग करें। 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट करें।
इससे उस नंबर की जांच होकर उसे बंद करने में मदद मिलती है, जिससे दूसरे लोग ठगी से बचें। इससे आपका पैसा वापस नहीं मिलता। उसके लिए 1930 और पोर्टल हैं।
- 5
पुलिस के साथ काम करें
आपकी शिकायत आपके चुने गए राज्य की पुलिस के पास जाती है। जब वे आपसे संपर्क करें, तो पावती, अपने बैंक स्टेटमेंट और स्क्रीनशॉट के प्रिंटआउट ले जाएं।
यदि आप खुद थाने जाते हैं, तो उन्हें अपनी पावती संख्या दें। एक ही धोखाधड़ी की नई शिकायत दोबारा दर्ज न करें।
यदि मामला ₹50,000 से अधिक का है, तो एफआईआर के लिए कहें। पुलिस को इस राशि से ऊपर रोका गया पैसा आपको देने से पहले एफआईआर चाहिए।
- 6
Money Restoration portal (धन वापसी के लिए पोर्टल) पर रोके गए पैसे के लिए अनुरोध करें
अगर ठग के खाते में पैसा रोक दिया जाता है, तो आपको इसकी सूचना देने वाला एक एसएमएस और ईमेल मिलेगा, जिसमें पैसा वापस पाने का तरीका बताने वाला लिंक होगा। फिर आप इस गृह मंत्रालय के पोर्टल पर इसके लिए अनुरोध करते हैं।
- "Raise Refund Request" [रिफंड का अनुरोध करें] चुनें और 1930 या साइबर अपराध पोर्टल से मिली 14 अंकों की पावती संख्या डालें। ओटीपी से सत्यापन करें।
- वह बैंक खाता डालें जिसमें पैसा आना चाहिए, और अपने पैन कार्ड की कॉपी अपलोड करें। अगर कोर्ट का आदेश है, तो वह भी अपलोड करें।
- आपको एसएमएस और ईमेल से MR से शुरू होने वाली 14 अंकों की अनुरोध आईडी मिलेगी। इसे रखें।
गृह मंत्रालय की 2 जनवरी 2026 की प्रक्रिया के तहत, पुलिस ₹50,000 से कम रोके गए पैसे को कोर्ट के आदेश के बिना आपको दे सकती है। इससे ऊपर के लिए एफआईआर चाहिए। आप एक क्षतिपूर्ति बॉन्ड पर हस्ताक्षर करेंगे: यह वादा कि अगर बाद में कोर्ट आदेश दे तो पैसा लौटा देंगे। अगर यह तरीका काम न करे, तो आप कोर्ट में आवेदन कर सकते हैं।
- 7
बैंक मदद नहीं कर रहा? रिज़र्व बैंक लोकपाल के पास जाएं
अगर बैंक आपकी शिकायत खारिज कर दे, या 30 दिनों के बाद भी जवाब न दे, तो ऑनलाइन रिज़र्व बैंक लोकपाल से शिकायत करें। उसके बाद 90 दिनों के भीतर यह करें।
यह मुफ़्त है और आप इसे खुद दर्ज कर सकते हैं। आपकी पुलिस शिकायत इसे करने से नहीं रोकती। फॉर्म भरने में मदद के लिए आरबीआई को 14448 पर कॉल करें: रेकॉर्डेड मेन्यू हर समय मिलता है, और सोमवार से शनिवार किसी व्यक्ति से बात हो सकती है।
अगर बात अटक जाए
पुलिस की तरफ से
- 1
आपकी शिकायत संभालने वाला थाना या साइबर सेल। साइबर अपराध पोर्टल पर अपनी पावती संख्या से स्थिति जांचें।
- 2
ठीक से जवाब नहीं मिला? साइबर अपराध पोर्टल की आधिकारिक सूची से अपने राज्य के नोडल या शिकायत अधिकारी से संपर्क करें। उत्तराखंड में, शिकायत अधिकारी विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के एसएसपी हैं।
- 3
रोका गया पैसा अब भी जारी नहीं हुआ? आप इसे जारी करने के लिए कोर्ट में आवेदन कर सकते हैं। इसमें एक अधिवक्ता मदद कर सकता है।
बैंक की तरफ से
- 1
आपके बैंक की अपनी शिकायत प्रक्रिया। बैंक द्वारा दी गई शिकायत संख्या रखें।
- 2
खारिज हो गई, या 30 दिनों में जवाब नहीं मिला? उसके बाद 90 दिनों के भीतर रिज़र्व बैंक लोकपाल के पास जाएं। मुफ़्त है, और आप इसे खुद दर्ज करते हैं।
- 3
लोकपाल के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं? आप 30 दिनों के भीतर अपील कर सकते हैं। अगर इसने आपकी शिकायत खारिज कर दी, तो आप उपभोक्ता आयोग जा सकते हैं।
आपकी पुलिस शिकायत और बैंक शिकायत साथ-साथ चलती हैं; ये दोहराव नहीं हैं। लेकिन एक ही शिकायत एक साथ रिज़र्व बैंक लोकपाल और उपभोक्ता आयोग दोनों के पास न लेकर जाएं: अगर मामला पहले से किसी कोर्ट या आयोग में है, तो आरबीआई उस शिकायत को खारिज कर देता है।
आगे क्या होता है
अगर रिपोर्ट करते समय पैसा अभी भी ठग के खाते में था, तो उसे रोक दिया जाता है और आपको इसकी सूचना वाला एसएमएस मिलता है। फिर आप Money Restoration portal पर इसे वापस मांगते हैं।
पुलिस खाताधारक को पैसे के बारे में सफाई देने के लिए अधिकतम 15 दिन देती है। पुलिस के रिलीज़ का आदेश देने के बाद, बैंक को आपको 15 दिनों में भुगतान करना होता है।
अगर पैसा पहले ही निकाल या ट्रांसफर कर लिया गया था, तो इस तरीके से वह वापस नहीं मिल सकता। तब आपकी बैंक शिकायत, और नीचे दिए आरबीआई नियम, ही आपका रास्ता हैं।
इसके लिए कोई तय समय-सीमा नहीं है। अपनी 1930 पावती, पोर्टल शिकायत, बैंक शिकायत और एमआर अनुरोध संख्या साथ रखें, और फॉलो-अप करते रहें।
क्या बैंक मुझे पैसा वापस देगा?
ये आरबीआई नियम उन धोखाधड़ी पर लागू होते हैं जो 31 दिसंबर 2026 तक होती हैं।
- अगर गलती बैंक की थी, तो आपको कोई नुकसान नहीं होना चाहिए, आप इसकी रिपोर्ट चाहे कभी भी करें।
- अगर धोखाधड़ी में न आपकी गलती थी न बैंक की (उदाहरण के लिए, आपके कार्ड की जानकारी कहीं और से चोरी हुई) और आप लेनदेन की सूचना मिलने के 3 कार्य दिवसों के भीतर बैंक को बताते हैं, तो आपको कोई नुकसान नहीं होना चाहिए।
- बैंक को 4 से 7 कार्य दिवसों में बताया? आपका नुकसान सीमित है। अधिकतर बचत खातों के लिए यह सीमा ₹10,000 है (बुनियादी बचत खाते के लिए ₹5,000)।
- अगर आपने ओटीपी, पिन या पासवर्ड किसी के साथ साझा किया, तो रिपोर्ट करने तक का नुकसान आप ही उठाते हैं। रिपोर्ट करने के बाद निकाला गया पैसा बैंक की ज़िम्मेदारी है, इसलिए फिर भी रिपोर्ट करें।
- रिपोर्ट करने के बाद, बैंक को जांच के दौरान 10 कार्य दिवसों के भीतर विवादित राशि आपके खाते में जमा कर देनी चाहिए, और 90 दिनों के भीतर आपकी शिकायत का निपटारा करना चाहिए।
- यह साबित करना बैंक का काम है कि गलती आपकी थी, आपका काम यह साबित करना नहीं है कि गलती आपकी नहीं थी।
1 जनवरी 2027 से
नए आरबीआई नियम इस तारीख या उसके बाद होने वाली धोखाधड़ी पर लागू होते हैं:
- जो धोखाधड़ी आपकी गलती से नहीं हुई, उसकी रिपोर्ट करने के लिए आपको 5 कैलेंडर दिन मिलते हैं, लेकिन यह गिनती आपके खाते से पैसा निकलने के दिन से होगी, बैंक की सूचना मिलने के दिन से नहीं। इससे देर से रिपोर्ट करने पर आपका नुकसान कितना होगा, यह बैंक की अपनी पॉलिसी पर निर्भर करेगा।
- धमकी देकर कराई गई पेमेंट, जैसे नकली "डिजिटल अरेस्ट" कॉल, अब धोखाधड़ी मानी जाएगी।
- 2027 में होने वाली धोखाधड़ी के लिए, भले ही गलती आपकी हो, आप एक बार मिलने वाला मुआवज़ा मांग सकते हैं (जीवन में एक बार), जो किसी भी पैसा वापस मिलने के बाद आपके असली नुकसान का 85% होगा, अधिकतम ₹25,000, और यह ₹50,000 तक के नुकसान के लिए है। आपको अपने बैंक और 1930 या साइबर अपराध पोर्टल पर 5 कैलेंडर दिनों के भीतर रिपोर्ट करनी होगी।
- बैंकों को ऐसी शिकायतों का निपटारा 45 दिनों में करना होगा, या अगर पैसा विदेश गया हो तो 60 दिनों में।
- ऊपर बताई ₹10,000 और ₹5,000 की सीमाएं खत्म हो जाएंगी। अगर आप 5 कैलेंडर दिनों के बाद रिपोर्ट करते हैं, तो आपका नुकसान कितना होगा यह आपके बैंक की अपनी पॉलिसी पर निर्भर करेगा।
सावधान रहें
- जो कोई भी फीस लेकर आपका पैसा वापस दिलाने की पेशकश करे, वह लगभग हमेशा खुद भी एक ठग होता है। 1930, साइबर अपराध पोर्टल, Money Restoration portal और रिज़र्व बैंक लोकपाल आपसे कोई शुल्क नहीं लेते।
- पुलिस, सीबीआई और कोर्ट कभी भी किसी को वीडियो कॉल पर गिरफ़्तार नहीं करते, या मामला निपटाने के लिए पैसे नहीं मांगते।
- किसी के कॉल पर कहने से कभी ओटीपी साझा न करें या स्क्रीन-शेयरिंग ऐप इंस्टॉल न करें।
अधिवक्ता कब मदद कर सकता है
ऊपर दिए हर कदम आप खुद उठा सकते हैं। जब मामला अटक जाए तो एक अधिवक्ता मदद करता है:
- रोका गया पैसा जारी कराने के लिए कोर्ट में आवेदन करना, जब वह बिना कोर्ट के आदेश के वापस न मिल सके
- बैंक के रिफंड से इनकार करने के बाद उसे कानूनी नोटिस भेजना
- रिज़र्व बैंक लोकपाल के बजाय, या उसके इनकार के बाद, उपभोक्ता आयोग में शिकायत करना
स्रोत
- राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल · गृह मंत्रालय
- राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल: सामान्य प्रश्न (FAQ) · गृह मंत्रालय
- Money Restoration portal: आवेदन कैसे करें · गृह मंत्रालय (I4C)
- एनसीआरपी-सीएफसीएफआरएमएस, धन की अभिरक्षा, धन वापसी और शिकायत निवारण के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (2 जनवरी 2026) · गृह मंत्रालय
- साइबर अपराध शिकायतों के लिए राज्य/संघ शासित प्रदेश के नोडल एवं शिकायत अधिकारी · गृह मंत्रालय
- चक्षु, संचार साथी · दूरसंचार विभाग
- अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन में ग्राहकों के दायित्व को सीमित करना (6 जुलाई 2017) · भारतीय रिज़र्व बैंक
- कमर्शियल बैंक – उत्तरदायी व्यवसाय संचालन तीसरा संशोधन निर्देश, 2026 (24 जून 2026), 1 जनवरी 2027 से होने वाली धोखाधड़ी के लिए · भारतीय रिज़र्व बैंक
- रिज़र्व बैंक – एकीकृत लोकपाल योजना, 2026: सामान्य प्रश्न (FAQ) · भारतीय रिज़र्व बैंक
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